Thursday, April 5, 2012

kash ham bhi

काश हम भी बेईमान होते,
काम के सफल इंसान होते.
खूब चलती झूठ की दुकान,
इस कद्र न बंद दुकान होते.
ऊँचा होना था रुतबा हमारा,
शहर के खास मेहमान होते.
लक्ष्मी रहती फिर घर मेरे,
हम दुखी न ही परेशान होते.
खूब देते दान गरीबों को,
हम दानी सेठ दयावान होते.
बीवी बच्चें करते खुशामद,
उनके लिए हम भगवान होते.
होती न हमें आगे की चिंता,
काश हम उससे अनजान होते. ...."रैना"

Wednesday, April 4, 2012

ye khna galt mai kuchh bhi bhul

हमको तो अफ़सोस यही है,
खुद को समझ नही पाये है,
जिनको हमने समझा अपना,
वो अपने  गैर पराये है....................."रैना"

tu bewfa teri yaad

ओ बेवफा इतना बता,
किस बात पे है तू खफा,
मुझको समझ आती नही,
हमसे हुई क्या वो खता.
तूने निभाई ही नही,
ये याद क्यों करती वफा.
इक बार तो हमको बता,
हम से हुई क्या वो खता.
मेरा कसूर नही सनम,
क्यों दी मुझे इतनी सजा.
"रैना"तलाश रहा कहां,
मिलता नही उसका पता........"रैना"

maa ki mamta aapar

सूरज की पहली किरण हवा जैसी.
माँ की ममता आपार खुदा जैसी,
खिदमत को तैयार वफा की देवी,
माँ की लोरी भी यार दुआ जैसी.........."रैना"

Monday, April 2, 2012

kochh apna fikr krle


उसका भी जिकर करे.
कुछ अपना फिकर करे,
समझे जीवन क्या है,
लम्हों की कदर करे............."रैना"
सुप्रभात जी,..............good morning

उसको ही दूरी कहते है,
जब दिल से दूरी होती है,
साजन से बिछुड़ी ऐ सजनी,
तू क्यों यूं छम छम रोती है,
साजन से दूरी होती जब,
मोहब्बत गूढ़ी होती है,......"रैना"


tera hone ka dil karta

खुद में खोने को दिल करता,
तेरा होने को दिल करता,
अब दूरी सहना मुश्किल है,
"रैना" रोने को दिल करता..."रैना"