Tuesday, April 10, 2012

ye apni kismat

ये मेरी किस्मत फूलों ने खिलना छोड़ा,
मस्त हवा चलती पत्तों ने हिलना छोड़ा,
जो कल तक मर मिटते थे हम पे यारों,
गर्दिश के दिन में उन्होंने  मिलना छोड़ा...."रैना"

Sunday, April 8, 2012

aadmi se preshan

आदमी से परेशान है आदमी,
खो गया दीन ईमान है आदमी.."रैना'

tanha lgti maaaaaaahfil hai

तन्हा लगती ये महफिल है,
तुझ बिन रोता मेरा दिल है,
तुझको गैरों से कब फुरसत
दीवाना आशिक पागल है....."रैना"

aesa gulashan

ऐसा गुलशन आबाद करे,
महके गुल दुनिया याद रखे,..."रैना"

jindgi tujhse gila hai,

बिछुड़े दो दिल है जब मिलते,
वीरान चमन में गुल खिलते.
आशिक के हिस्से  अनहोनी 
चलती न हवा पत्ते हिलते............."रैना"

Saturday, April 7, 2012

jame jahr hans

जामे जीवन हंस के पीना,
रो के जीना भी क्या जीना.
फूलों सा हो खिलता मुखड़ा,
चाहे जख्मों से छलनी सीना..."रैना"

gati apni svikar krna

जीने का बेहतर ढंग हो,
दुनिया से तो अलग रंग हो.
उसके बन्दों से प्यार करे,
पर खुद से मुसल्सल जंग हो....."रैना"
सुप्रभात जी ............good morning
मुसल्सल -निरन्तर