Monday, October 31, 2011

hale ashik

हाले आशिक पे किसी को तरस न आता है,
अब तो दिल को खिलौना समझा जाता है.
बहुत मुश्किल अब किसी का चेहरा पढ़ना,
गम छुपाने के लिए हर कोई मुस्कराता है. 
बढ़ती महंगाई बन गई है जान की दुश्मन,
बेशक गरीबी में अब गीला हो गया आटा है
"रैना" कोई किसी को कुछ भी दे नही सकता,
सबको नयामत बख्शने वाला वो मेरा दाता है."रैना"

aek neta

एक नेता ने ??????????????
जब यमलोक को दरवाजा खटखटाया,
उसे देख कर यमराज बहुत घबराया,
सोचने लगा इस आफत को कैसे टाला जाये,
क्यों न इसे जैड क्लास के नरक में डाला जाये.
वरना यह नेता नरक वासियों को भड़काएगा,
यहाँ बंद,रेलिया, प्रदर्शन, हड़ताल करवाएगा,
नरक का आस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा
ये तो इतिहास के पन्ने ही बताते है,
मरने मिटने के बाद भी नेता बाज नही आते है      ."रैना"

mere hnumat ji

राम के प्यारे बजरंग बली,
करना तू भली, करना तू भली.
बजरंग बली.....................
श्री राम के सेवक हो लक्ष्मण के प्राण दाता हो,
दुष्टों का संघार करे हो भक्तों के बंधू भ्राता हो,
भाव से पर लगा देना,डगमग डोले नावं चली
बजरंग बली.....................................
"रैना" ने अब तो मेरे दाता पकड़ा दामन तेरा है,
हनुमत  राह दिखा देना चाहू ओर घना अँधेरा है, 
 जीवन भरा निराशा से मुरझाई है दिल की कली.
बजरंग बली............................................."रैना"
सुप्रभात जी ...........................good morning

Sunday, October 30, 2011

aane ka maksad

यहाँ आने का भुला मकसद खास है,
इम्ताहने जिन्दगी में हुआ न पास है,
सोने का व्यापारी बेच रहा तेल है,
हो गया फेल तू तो हो गया फेल है.
हो गया फेल-------------------
पैसे के पीछे दौड़े हो गया सौदाई है, 
 मतलब खोरों से ही प्रीत लगाई है,
 मोहमाया से तेरा हो गया मेल है.
 हो गया फेल-------------------
ये तो बता तेरी क्या है मजबुरिया,
अपने पीया से जो बना ली है दुरिया,
चार दिन ही  इस जिन्दगी का खेल है.
हो गया फेल------------------- "रैना"
good evening ------------------


Saturday, October 29, 2011

prit usse

ओ बन्दे तू ये बता क्यों होता तुझे सबर नही,
ये जिन्दगी कब ठहर जाये,किसी को खबर नही,
सच्ची प्रीत उससे कर ले तू संवर जायेगे,
वर्ना सूखे पत्तो की तरह ही बिखर जायेगा,
सच्ची प्रीत-----------------------------
क्यों तू जहान में आया किसके वास्ते,
 मंजिल का पता नही है कौन से रास्ते,
भूल भलेइया में भटका तू किधर जायेगा.
सच्ची प्रीत-----------------------------
भटका है "रैना" चक्रव्यूह में फस गया,
मोहमाया का नाग उसको है डस गया,
बहुत पछताये गा जब तू गुजर जायेगा.
सच्ची प्रीत----------------------------- "रैना"
सुप्रभात जी --------------good morning

ada

हम अदा कहां से लाये मुस्कराने वाली,
अपनी तो किस्मत है आंसू बहाने वाली.
हम तो अपने आप में उलझे हुये रहते है,
आप तो बात कर रहे हो इस जमाने वाली.
गर हम कुछ करते है तो चुप चाप रहते है,
अपनी वो आदत नही है शोर मचाने वाली.
अन्धेरी रातों में तो खूब लगता दिल मेरा,
 फिर चांदनी आ गई दिल को जलाने वाली.
"रैना" मैं तो कई बार मरते मरते बचा हूँ,
बेशक अदृश्य ताकत है मुझे बचाने वाली."रैना"

Friday, October 28, 2011

kis ke dil

किसके दिल में क्या है जान लेते है,
हम तो परखी नजर पहचान लेते है.
बेशक मेहनत मशक्त है नसीब मेरा,
हम तो कर गुजरते जो भी ठान लेते है."रैना"