अब तो हादसे पेश आ रहे ऐसे,
अपने घर में रहते अजनबी जैसे,
जीने की कोई ख्वाइश तो नही है,
उसकी मर्जी के बिना हम मरे कैसे."रैना"
अन्ना जी अब देश भक्ति की आग में ज्यादा न जलो,
अपना लौटा कटोरी उठाओ अपने घर की तरफ चलो,
तुम्हारी टीम ने ही तुम्हारा काम तमाम कर दिया है,
जी लोगों को जिसका अंदेशा था वही काम कर दिया है."रैना"