Tuesday, September 13, 2011

मैं गिला करू कैसे मुझे तुझसे ही सब हासिल है,
नजरे इनायत कर्म तेरा बन्दा हो गया काबिल है. "रैना".











Saturday, September 10, 2011

सारी रात नींद नही आई है मुलाकात के बाद,
दिल के मोहल्ले में आग लगी बरसात के बाद."रैना"

Friday, September 9, 2011

mere dil

मेरे दिल के घर में चांदनी ने आग लगाई है,
और शबनम के कतरों ने आग भड़काई है,
आग की लपटों से मेरा बचना है मुश्किल,
क्योकि आग के लिए तो हर शै पराई  है.
अब तो यारों जान पे बन आई है.

Saturday, September 3, 2011

तेरे वादों का तो एतबार करे गे,
मगर मरने तक कोन इंतजार करे गे. "रैना"
तेरे वादों का तो एतबार करे गे,
मगर मरने तक कैसे इंतजार करे गे. "रैना"
गर तेरी यादों का सहारा नही होता,
फिर तो अपना भी गुजारा नही होता.
तेरे यादों  ने ही  हमे जिन्दा रखा,
वर्ना ये चमकता सितारा नही होता.
गर मुसीबत ही कही दूर जा बसती,
फिर तो हर शख्स यूँ बेचारा नही होता,
गर होते न इस हुस्न के हसीन जलवे,
मस्त मौसम दिलकश नजारा नही होता.
मेरा जीना तो  हो ही जाता मुशिकल,
गर मेरे  उसयार का  इशारा नही होता.
"रैना"उस खुदा बंद की  नजरे इनायत है,
वर्ना यहाँ  कुछ भी हमारा नही होता.
राजिंदर "रैना"
ये तो इत्फाक है मेरा जीना,
यूं जख्मों से छलनी है सीना.
 खुदा जाने वो कैसे है डूबा 
मजे से चल रहा था सफीना.
वक्त के क्रूर हाथों ने यारो,
चैन मेरा सब्रो करार छीना.
खता उसकी या मेरी बदनसीबी,
शहर की भीड़ में खो गया नगीना
सांसों की डोरी तोड़ नही सकते,
जामे जहर जिन्दगी पड़े गा पीना. "रैना"