Thursday, May 14, 2015

वो चैन की नींद सोते रात भर,
दिल के दाग़ हम धोते रात भर,
रैना"ये अपना अपना नसीब है,
शहर में हादसें तो होते रात भर। रैना"
हम इस मुकाम पे पंहुच चुके है,
अब आगे के बारे में ही सोच सकते है। रैना"


बेशक  दिल पे चोट खाना बहुत मुश्किल है,
फिर चोट खा के मुस्काना बहुत मुश्किल है,
कह देना तो बड़ा ही आसान होता है दोस्तों,
ग़मगीन जिंदगी से निभाना बहुत मुश्किल है।रैना"


इस दुनिया में तो दगा ही दगा है,
उससे दिल लगाओ मजा ही मजा है। रैना"

झूठ से नाता तोड़ सच से प्यार कर ले,
क्यों भटक रहा जिन्दगी बहार कर ले,
यहां वहां इधर उधर कुछ नही मिलता,
रैना"बैठा वो अंदर उसके दीदार कर ले। रैना"

इस मतलब की दुनिया में सब को मतलब रहता है,
दस का नोट न दो तो छोटा बच्चा भी पापा न कहता है। रैना"

Wednesday, May 13, 2015

तेरे हुस्न के जलवे बेकरारी बढ़ा रहे हैं,
यूं धीरे धीरे हम भी तेरे पास आ रहे हैं,
महका हुआ चमन है बहारों पे जवानी,
दिलकश हसीं नजारें बहकाते जा रहे है। रैना"

Monday, April 13, 2015

सूरज से छलकते नूर सी लगती,
हसीन खूबसूरत नुपूर सी लगती,
कैसे तारीफ़ करू अल्फाज नही हैं,
तुन जन्नत से उतरी हूर सी लगती। रैना"

Monday, March 2, 2015

देखा नही पहले कभी,
बात निकली मुख से अभी।रैना" 


दोस्तों के नाम ग़ज़ल 

जीने की सजा दे गई,
मौत फिर दगा दे गई।
आग बुझ गई इश्क की,
याद फिर हवा दे गई। 
गम मुझे नही छू सका,
मेरी मां दुआ दे गई ।    
कब नसीब थे ये मिरे, 
बन्दगी  सिला दे गई।
खुशनसीब हम हुये,
फूल वो खिला दे गई । रैना"