Tuesday, November 29, 2011

radha rani ji

राधा रानी कृष्ण जी से शिकायत करती हुई पूछ रही है,
माखन को चुराने वाले माखन चोर,
तुम दिल भी चुराने लगे आजकल,
सच सच ये बता तू है कोन तू,
कैसे खेल दिखाने लगे आजकल.
माखन को चुराने वाले................
तेरी मुरली की ऐसी जादूगरी,
तूने मोह लिया सारे संसार को,
हर जीव है तडफे तेरे दीद को,
हर गोपी है तरसे तेरे प्यार को,
तू करता फिरे है ठिठोलियाँ,
मुझे क्यों यु सताने लगे आजकल.
माखन को चुराने वाले................"रैना"

wqt se bekhabar

वक्त से बेखबर क्या बहाना होगा,
मगर ये तो तय हर हाल जाना होगा.
करम होगे  जैसे भी हमारे यारों,
फ़कत उसके हिसाब से ठिकाना होगा.
फ़िक्र आगे की भी कर लेनी चाहिए,
वर्ना चक्करों में उलझ जाना होगा.
घड़ी चार थी बची सिर्फ दो ही बाकी,
"रैना" अब उससे दिल लगाना होगा."रैना"
सुप्रभात जी .....................good morning
वो लुट कर ले गये सब कुछ,
मेरे पास बचा यादों का खजाना है,
इसी खजाने के दम से"रैना"
मैंने अब तो तन्हा जीवन बिताना है........"रैना"

शहर की भीड़ में खो गये हो,
पत्थर दिल तुम हो गये हो.
सूरज निकला उठ गये सारे,
गहरी नींद में तुम सो गये हो.
तुम  तो ऐसे हरगिज नही थे,
फिर क्यों काफ़िर हो गये हो."रैना"

dil ke kone me

दिल के कोने में अब भी उठता धुँआ,
वैसे मुद्दत हो गई चिराग बुझे हुये,
बरकरार आँखों में अक्श हु ब हु वही,
यूँ तो जमाना गुजर गया मिले हुये."रैना"

Monday, November 28, 2011

bhart desha me

भारत देश में,
 कुछ ऐसा ही गोरख धंधा है, 
चोरों के गले फूलों की माला,
इमानदारों के गले फांसी का फंदा है.
जो करोडो अरबों हजम कर गये,
उन्हें सरेआम बचाया जा रहा है,
देश भक्त इमानदार,
 किरण बेदी को फसाया जा रहा है.
अब कहने लगा आम बन्दा है,
वास्तव में भारत में कानून अन्धा है."रैना"

Sunday, November 27, 2011

jyada

 दूर की न सोच ज्यादा पास की न सोच,
गैर की न सोच ज्यादा खास की न सोच,
इस सोच सोच में सोच रह जायेगी,
तू सोचता रहेगा वो कह जायेगी.
 बात कह  जायेगी.......................... रैना"
चाहे काँटों का दामन थाम लीजिये,
मगर पत्थरों को न फूलों का नाम दीजिये."रैना"
जब से तुझ पे फ़िदा हुआ है,
दिल जिस्म से जुदा हुआ है."रैना"
 मान्निद शमा के  न पिघलना सीखा,
 यूँ मौसम की तरह न बदलना सीखा.
बेशक फना होते लोग इक बार गिर के,
हमने तो गिर गिर कर है संभलना सीखा. "रैना"