Saturday, August 11, 2012

mel jab bemel

 जब मेल बेमेल होता,
 इन्सान तब फेल होता.
 कोई नही कुछ भी करता,
सब किस्मत का खेल होता.
देवी आँख खुली रखती,,
फिर तो नेता जेल होता."रैना"   

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (12-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन अभिव्यक्ति ...

    ReplyDelete