Monday, October 24, 2011

aaaya khushiyo ka

आया खुशियों का त्यौहार,महके खुशबू आई बहार,
श्रदा प्रेम से पूजा अर्चना खूब नाचे गायेगे,
अब की दीपावली को तो यादगार बनायेगे.
अब की दीपावली को-----------
दीप जला रहे वर्षो से अंधकार मिटाए मिटा नही,
प्रयास तो कर रहे मगर असर दिखाए  दिखा नही,
श्रदा प्रेम से दीप जला मन का अंधकार मिटायेगे. 
अब की दीपावली को-----------
कभी भी फूट सकता है अब पाप से भर गया घड़ा,
पृथ्वी के इस जीव को ही प्रदूषण से ही खतरा बड़ा,
अपनी सुरक्षा के लिए पटाखा न इक भी चलायेगे.
अब की दीपावली को-----------
बेशक कोई अनजान नही समझदार दुनिया सारी है, 
लालच के इस संसार में अब मिठाई भी इक बीमारी है,
सेहत के बारे में सोच के हम तो शुध्द मिठाई खायेगे.
अब की दीपावली को-----------
बुरा लगे कोई बात नही मान लेना रैना का कहना,
झूठ नफरत से  दूर रहे सच प्रेम को बना ले गहना,
तब सार्थक होगी दीपावली जब बुराइयाँ दूर भगायेगे.
अब की दीपावली को-----------                                "रैना"
सुप्रभात---------------good morning               happy dipawli

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